मेरठ में गलोल तीर्थ स्थित घाट समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए अस्थाई कुंडों पर सवेरे से ही लोक आस्था और विश्वास के महापर्व छठ के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलाओं-पुरुषों की भीड़ जुटने लगी थी।