डेंगनमल गांव. मुंबई से महज 150 किलोमीटर दूर होने के बावजूद एकदम कोरा. इसी गांव में एक घर है तुकाराम का. मिट्टी और बांस से बने घर में सजावट के नाम पर सिर्फ एक तस्वीर है. इसमें वे तीन औरतों के साथ बैठे हैं. एक-से कपड़ों में सजी-धजी ये औरतें तुका की बीवियां हैं. पहली बीवी से 6 औलादें हैं. वहीं 2 पत्नियों से कोई औलाद नहीं. ये इत्तेफाक नहीं. ये दोनों औरतें 'वॉटर वाइव्स' हैं. यानी वे पत्नियां, जो तभी तक पत्नियां हैं, जब तक वे पानी लाएंगी. ठेठ बोली में इनके ओहदे का एक नाम है- पानीवाली बाई.