Electoral Bond के जरिये अब तक 6000 करोड़ का चुनावी चंदा आया है और इसमें से 4500 करोड़ के बारे में चुनाव आयोग को बताया नहीं गया है. तो सवाल ये है कि क्या BJP इसलिए खामोश है क्योंकि इसमें से ज्यादातर चंदा उसे ही मिला है?