वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग, अद्वैत बोधशिविर
३० मार्च, २०१८
कैंचीधाम, नैनीताल
प्रसंग:
मान्यताओं से बाहर कैसे आएँ?
मेरी कल्पना मिथ्या है कैसे जाने?
मिथ्या, कल्पना से बाहर कैसे निकलें?
कल्पनाओं की जरूरत पड़ती है?
मान्यताओं से मुक्त होने का आशय क्या है?
संगीत: मिलिंद दाते