भारत आज, एक डॉलर प्रति घंटे से कम लागत में विश्वस्तरीय कंप्यूटिंग शक्ति उपलब्ध करा रहा है, इससे अनुसंधान, इनोवेशन और बेहतर परिवर्तन संभव होंगे.