2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए हिंदी में स्पेशल सॉन्ग मालाबार के क्रिश्चियन कॉलेज के प्रोफेसर वशिष्ठ ने बनाया है. इनके पुराने स्टूडेंट साईं गिरधर ने इस गाने को गाया है. ये म्यूजिकल क्रिएशन केरल के लोगों की तरफ से कॉमन्वेल्थ गेम्स के लिए प्यार भरा ट्रिब्यूट है. जो दूसरी बार भारत लौट रहा है.
प्रो. वशिष्ठ ने अपने हिंदी लिरिक्स का मतलब समझाते हुए कहा कि गाना गेम्स को दुनिया के लिए भारत का तोहफा बताते हुए शुरू होता है. यह युवाओं का जश्न है, जहां अलग-अलग देशों के युवा हाथ मिलाते हैं. बॉर्डर और कल्चर से परे, यह प्यार और दोस्ती का जमावड़ा है. भारतीय होने के नाते, हम सभी युवाओं के इस त्योहार का आनंद ले सकते हैं और उसका स्वागत कर सकते हैं. शांति के कॉमनवेल्थ गेम्स में आपका स्वागत है.
2010 में भारत में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे. इसके 20 साल बाद दूसरी बार अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे. जिसमें 72 देशों के एथलीट हिस्सा लेंगे. 2026 के गेम्स स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होंगे.