साल 2025 राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक रहा। यह साल सत्ताधारी बीजेपी-एनडीए के लिए चुनावी विस्तार और मजबूती का साल साबित हुआ। जबकि विपक्ष को चुनावी हार और नैरेटिव के संकट का सामना करना पड़ा। साल 2025 का अंत भी बीजेपी के लिए शुभ संकेत दे गया, जबकि विपक्ष के सामने नई चुनौती खड़ी कर गया। जनता की अदालत में विपक्ष के नारे और एजेंडा एक के बाद एक ध्वस्त होते चले गए। आइए नजर डालते हैं उन पांच प्रमुख मुद्दों पर, जिनके सहारे विपक्ष चुनावी भंवर पार करने उतरा था, लेकिन बीजेपी की प्रचंड लहर से उसका बेड़ा बीच लहर चकनाचूर हो गया।