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"जो कहे ‘मैं मुक्त हूँ’ — वही सबसे गहरे बंधन में है || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2025) "
2025-12-28
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आधीनी का अंग।अथ झूमकरा।सतगुरु रामपाल जी महाराज।संत गरीबदास जी महाराज।सत कबीर।सत भक्ति।आधीनी का अंग।अथ झूमकरा।सद्गुरु रामपाल जी महाराज।सन्त गरीबदास जी महाराज।सत कबीर।सत भक्ति।आधीनी का अंग।अथ झूमकरा।सतगुरु रामपाल जी महाराज।संत गरीबदास जी महाराज।सत कबीर।सत भ
_अथ राग काफी।लिखित।संत गरीबदास जी महाराज।बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज।सत कबीर। सतभक्त।"अथ राग काफी।लिखित।संत गरीबदास जी महाराज।बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज।सत कबीर।सतभक्ति।अथ राग काफी।लिखित।संत गरीबदास जी महाराज।बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज।सत