ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के शुरू होने से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता आएगी. परिवहन विभाग की जवाबदेही भी तय होगी.