पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सबसे बड़े सवाल! क्या सिस्टम ने मिलकर एक मासूम की उम्र और न्याय के साथ खिलवाड़ किया है?
पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल आज सुर्खियों में है, लेकिन वजह कोई कामयाबी नहीं बल्कि एक मासूम छात्रा की दर्दनाक हत्या और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कथित 'लीपापोती' है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि कैसे पटना पुलिस ने इस गंभीर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर छात्रा की उम्र 17 साल से बढ़ाकर 18 साल दिखाई ताकि मामला POCSO एक्ट के दायरे से बाहर हो जाए।
इतना ही नहीं, पुलिस कप्तान ने शुरुआती बयानों में किसी भी 'सेक्सुअल एंगल' से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद अब प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। क्या पुलिस हत्या को खुदकुशी साबित करने पर तुली थी? क्या जांच के नाम पर सिर्फ सबूतों को दबाने का खेल हुआ?
About the Story:
This video analyzes the controversial investigation by Patna Police in the Shambhu Girls Hostel murdr case. It highlights the alleged manipulation of the victim's age to avoid the POCSO Act, the initial denial of a sexu@l assault angle despite post-mortem findings, and the attempts to portray a murdr as a suicide. Explore the full story of the NEET student case and the system's failure in Bihar.
#PatnaHostelCase #JusticeForNEETStudent #PatnaPolice #OneindiaHindi
~HT.410~ED.104~