Noida Case में DM Medha Rupam का नाम आने से मचा हड़कंप! क्या मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी होने की वजह से सिस्टम उन्हें बचा रहा है? जानिए युवराज मेहता केस में हुए इस बड़े राजनीतिक खुलासे का पूरा सच।
नोएडा में 27 साल के युवा इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक अंधेरी सड़क पर बिना बैरिकेडिंग वाले 20 फीट गहरे गड्ढे में कार गिरने से युवराज की जान चली गई। आरोप है कि मौके पर पुलिस और प्रशासन के होने के बावजूद, लापरवाही की वजह से युवराज डेढ़ घंटे तक जिंदगी के लिए तड़पते रहे। इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO को हटा दिया गया और SIT जांच के आदेश दिए गए, लेकिन असली विवाद तब शुरू हुआ जब इसमें राजनीति की एंट्री हुई।
आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज ने सीधे तौर पर नोएडा की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की कानून-व्यवस्था और रेस्क्यू के लिए जिम्मेदार डीएम पर अब तक कोई आंच क्यों नहीं आई? मेधा रूपम 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और देश के मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या मेधा रूपम का पारिवारिक संबंध उनकी "ढाल" बन रहा है? क्या यह प्रशासनिक चूक है या फिर रसूखदार नामों को बचाने की कोशिश? इस वीडियो में देखिए कैसे युवराज मेहता की मौत का मामला अब सत्ता, सिस्टम और नेपोटिज्म की बहस में बदल गया है।
The death of 27-year-old engineer Yuvraj Mehta in a Noida road accident has turned into a major political controversy. While the Noida Authority CEO has been removed, AAP leader Saurabh Bharadwaj has questioned why DM Medha Rupam, daughter of Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar, hasn't faced action. This video analyzes the allegations of administrative negligence and the political storm surrounding the case.
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