बुंदेलखंड का ऐतिहासिक महत्व, व्यापारिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है रहस मेला, वीर बुंदेला महाराजा मर्दन सिंह जूदेव से जुड़ा है इतिहास.