वीडियो जानकारी: 17.01.2026, IIT-पटना
Title: लड़कियों से बात करने में घबराता हूँ—दोस्तों की गर्लफ्रेन्ड हैं, मेरी नहीं || आचार्य प्रशांत,IIT-पटना
🗒️Chapters:
00:00 - Intro
02:28 - युवा मन इतना अशांत क्यों?
13:50 - सहज रिश्ते इतने उलझे क्यों?
24:26 - सेक्स को केंद्र बनाने का अंजाम
33:53 - चरित्रवान या मानसिक रोगी?
39:26 - Testimonial
विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी युवा मन की उस बेचैनी को जड़ से खोलते हैं, जो बाहर दिखाई देने वाली परिस्थितियों से नहीं, बल्कि भीतर बैठी तुलना, अधूरापन और गलत धारणाओं से जन्म लेती है। वे स्पष्ट करते हैं कि समस्या न शरीर की है, न हालात की, समस्या उस सोच की है, जो इंसान को इंसान की तरह देखने नहीं देती और साधारण जीवन को भी बोझ बना देती है। आचार्य जी बताते हैं कि जब रिश्तों को कल्पनाओं और अपेक्षाओं के चश्मे से देखा जाता है, तो मन बिखरता है और डर हावी हो जाता है; लेकिन जैसे ही दृष्टि साफ होती है, वही जीवन सहज हो जाता है और ऊर्जा अपने आप सही दिशा पकड़ लेती है। यह संवाद युवाओं को एक सीधी बात समझाता है, स्पष्टता बाहर खोजने से नहीं मिलती, वह भीतर की उलझन के टूटने से जन्म लेती है।
🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर:
https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06
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