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swm: हड़ताल के चलते थमे निजी बसों के पहिए, यात्रियों की राह हुई कठिन

2026-02-27 6 Dailymotion

सवाईमाधोपुर. निजी बस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने जिले में जनजीवन को ठहर सा दिया है। सुबह से ही बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भीड़ उमड़ती रही, लेकिन बसों के पहिए थमे रहने से लोग घंटों तक इधर-उधर भटकते रहे। जिला मुख्यालय पर अम्बेडकर सर्किल, दौसा बस स्टैंड, टोंक बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से बसों का संचालन बंद होने से सन्नाटा पसरा रहा। मजबूरी में लोगों को ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे रोज़ाना का सफ़र महंगा और असुविधाजनक हो गया। उधर, निजी बसों की हड़ताल के चलते रोडवेज बसों व ट्रेनों में भीड़ अधिक रही।

सिटी बस व टेम्पो यूनियन का मिला समर्थन
बस ऑनर्स यूनियन की इस प्रदेश व्यापी हड़ताल को सिटी बस यूनियन और टेम्पो यूनियन का भी समर्थन मिला। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप हो गया। निजी बसों के बंद रहने का असर सीधे तौर पर रोडवेज बसों और ट्रेनों पर दिखा। जयपुर, टोंक, खण्डार, बौंली और लालसोट मार्गों पर रोडवेज बसों में इतनी भीड़ रही कि यात्रियों को खड़े होकर सफ़र करना पड़ा। रोज़ाना कामकाज के लिए सफ़र करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

250 बसों के थमे रहे पहिए

जिले से रोज़ाना चलने वाली लगभग 250 निजी बसों के ठप होने से तीन से चार हजार यात्री प्रभावित हुए। संचालकों की आय का करीब पांच से छह लाख रुपये का नुकसान भी सामने आया। बालेर, श्योपुर, इटावा, खातौली, फलौदी लहसोडा, गंगापुर, सपोटरा, श्यामपुरा कुण्डेरा, इन्द्रगढ़, खिरनी-बौली और लालसोट मार्ग पर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। इन मार्गों पर दिनभर सन्नाटा छाया रहा और यात्री अपनी मंज़िल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश में भटकते रहे।
इसलिए रही निजी बसों की हड़ताल
हड़ताल का असर सिर्फ़ परिवहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाज़ारों और दफ्तरों में भी दिखाई दिया। कई लोग समय पर काम पर नहीं पहुंच पाए, तो छात्रों को भी स्कूल-कॉलेज जाने में परेशानी हुई। ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्रियों ने बताया कि बसें बंद होने से उन्हें शहर तक पहुंचने में दोगुना खर्च करना पड़ा। बस संचालकों का कहना है कि सरकार और परिवहन विभाग की नीतियों के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ते खर्च और नियमों की सख्ती से निजी बस ऑपरेटरों का संचालन मुश्किल हो गया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।

वैकल्पिक साधनों से जेब हुई ढीली

दिनभर जिले में सफ़र ठप रहा और आमजन को वैकल्पिक साधनों के सहारे ही अपनी मंज़िल तक पहुंचना पड़ा। निजी बसे नहीं चलने से यात्रियों ने वैकल्पिक साधनों के चलते यात्री महंगे दामों पर यात्रा करना पड़ा।
फैक्ट फाइल...
-जिले में हड़ताल के चलते 250 बसों का संचालन रहा बंद।

- नौ मार्गो पर ठप रहा बसों का संचालन।
-तीन से चार हजार यात्री हुए प्रभावित।

- हड़ताल के चलते पांच से छह लाख तक के राजस्व का हुआ नुकसान।
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इनका कहना है...
परिवहन विभाग और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में बस ऑनर्स यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल रही। इस दौरान सिटी बस व टेम्पो यूनियन का भी समर्थन मिला। मांगे पूरी नहीं किए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।

सुदर्शन शर्मा, अध्यक्ष, निजी बस यूनियन सवाईमाधोपुर