सवाईमाधोपुर. होली के त्योहार में अब महज दो दिन शेष है। ऐसे में जिले के बाजारों में रंगों की बहार छा गई है। शहर से लेकर गांव तक हर गली, हर चौक पर दुकानों की सजावट ने माहौल को रंगीन बना दिया है। दुकानों पर सजी हर्बल गुलाल की थालियां, चमकीले रंगों के पैकेट और बच्चों को लुभाती पिचकारियां त्योहार की रौनक को और बढ़ा रही हैं।
इस बार बाजार में सबसे बड़ी चर्चा इलेक्ट्रिक गन की है, जो पहली बार आई है और युवाओं व बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दुकानदारों के अनुसार इसकी कीमत करीब एक हजार रुपए है, जबकि सामान्य पिचकारियां 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक उपलब्ध हैं। कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां डोरेमोन, मिक्की माउस, सिलेंडर और पानी बैग वाली बच्चों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
युवाओं की पहली पसंद हर्बल गुला
गुलाल विक्रेता पंकज कुमार जैन व गोपाललाल ने बताया कि युवाओं की पहली पसंद हर्बल और इको-फ्रेंडली गुलाल है। बाजार में हरा, नीला, आसमानी, पीला, गुलाबी, सफेद और लाल रंगों की लंबी शृंखला उपलब्ध है। विशेष रूप से 'सेंटेड' (सुगंधित) गुलाल लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। रंगों के साथ-साथ मिठाइयों की दुकानों ने भी त्योहार की मिठास बढ़ा दी है। फूले, बताशे और गुब्बारे खरीदने वालों की भीड़ से बाजार गुलजार है। जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में शुक्रवार को सब्जी मंडी रोड, जामा मस्जिद, चौथकाबरवाड़ा बस स्टैंड और गौरव पथ पर खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सजा बाजार
ग्रामीण अंचलों में भी बाजार पूरी तरह सज चुके हैं और वहां भी लोग उत्साह से खरीदारी कर रहे हैं। बच्चों की आंखों में पिचकारियों की चमक और बड़ों के चेहरे पर रंगों की खुशी साफ झलक रही है। यह होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि परंपरा और आधुनिकता का संगम बन गई है, जहां हर्बल गुलाल से स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है और इलेक्ट्रिक गन जैसी नई चीजें त्योहार को और रोमांचक बना रही हैं।
फैक्ट फाइल...
-जिला मुख्यालय पर रंग-गुलाल की कुल दुकाने-300
- आरारोट की गुलाल की दर-150 से 200 रुपए किलो
- सामान्य गुलाल की दर-40 से 100 रुपए किलो
-पिचकारी की दर-10 से 500 रुपए