भारत के कई हिस्सों में घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. पश्चिम एशिया में संकट की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाली तेल आपूर्ति में रुकावट आ रही है और इसका असर देश में एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ रहा है. जमाखोरी और कथित कालाबाजारी से निपटने के लिए, भारतीय सरकार ने सोमवार को एलपीजी वितरण को नियंत्रित करने के उपायों की घोषणा की. एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतराल भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. घरेलू रसोई गैस के दामों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर जबकि वाणिज्यिक गैस की दरों में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
महाराष्ट्र के पुणे में डीलरों का कहना है कि हाल के दिनों में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति धीमी हो गई है, और नई रिफिल सीमा कुछ उपभोक्ताओं के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है.
इसके अलावा, बेंगलुरु, चेन्नई और चंडीगढ़ समेत दूसरी जगहों पर भी गैस की किल्लत महसूस की जा रही है.